जिंदगी की डोर

कुछ विचार ऐसे हैं जो जीवन का रंग बदल देते हैं। 

वृद्धग्राम पर पढ़िये बूढ़ी काकी के उन्नत विचार :

@ "जिंदगी की डोर पतली है। हम उस पर चल रहे हैं। कब टूट जाये पता नहीं। इसलिये जीवन के हर पल को जाया मत करो। क्योंकि हम जानते हैं कि जीवन का हर पल कीमती है। उसकी खासीयत को पहचानकर जीवन के उत्सव को मनाईये। पता लगेगा कि जिंदगी के मायने क्या हैं।"

-हरमिन्दर सिंह चाहल.

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