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कष्ट में कोई न हो

old man thinking
चिलचिलाती धूप में,
नंगे पांव चल रहा हूं,

गर्म रेत की सतह पर,
धीरे-धीरे बढ़ रहा हूं,

मांगता हूं सूरज से,
यही कि वह उदास न हो,

कितनी पीड़ा हो मुझे,
इसका उसे अहसास न हो,

ऐसा ही हूं मैं,
ऐसा ही,

दुख सह लूंगा स्वयं,
कष्ट में कोई न हो।

-Harminder Singh

2 comments:

  1. बुजुर्गों का आशीर्वाद है ,सुंदर रचना

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