पहले खुद को बदलें

भ्रष्टाचार पिछले साल की सबसे बड़ा मुद्दा रहा और आने वाले समय में भी रहेगा. आज हर कोई भ्रष्टाचार के विषय में बात कर रहा है, फिर भी लोग जुटे हैं काली कमाई करने में.

यह नहीं होना चाहिए. बेचारे अन्ना और उनके जैसे कितने ही बूढ़े अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सुनता कोई नहीं. हर तरफ राजनीति हो रही है. यह भी कहा जा रहा है कि सुनने वाले तो राजनीति कर ही रहे हैं, सुनाने वाले भी राजनीति से अछूते नहीं रहे.

इस नये वर्ष हम खुद से कहें कि जो त्रुटियां हममें हैं, पहले उन्हें दूर करेंगे. हम स्वयं से यह भी कहें कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज बुलंद करने में हम पीछे नहीं रहेंगे. हम स्वयं को भरोसा दिलायें कि अपने परिवार को हमेशा यह सिखायें.

यदि हम एक दीप जलायेंगे तो देखा देखी भी हजारों दीप जलेंगे. मगर सबसे बड़ी बात यह भी है कि हम खुद को कितना बदल पायेंगे.

जिस कीचड़ में हमने स्वयं नहाकर उसे गंगा स्नान बताया, उसमें न नहाने की प्रतिज्ञा भी तो हमें ही लेनी होगी. दिखावा करते रहेंगे कि हम तो स्वच्छ हैं. यह कब तक चलेगा.

नये साल की शुभकामनायें इसी कामना के साथ की हम मिलकर इस साल इस देश के लिए कुछ करेंगे. हम मिलकर भ्रष्टाचार के लिए अपनी आवाज उठायेंगे और अपने देश की उन्नति में भागीदार बनेंगे.

-Harminder Singh


1 comment:

  1. आजकल के हालात पर सार्थक पोस्ट

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