जीवन के रंग


पल जीवन के रंगों से भरे,
चटख, महकते फूलों के रंग,
मन हर्षाते, इतराते हुए,
जिंदगी की पींग बढ़ाते,
भरोसे से जीते रंग,
होली खेलते हम-तुम,
मुस्कराते रंगों के बीच,
खुशी सुनहरी, लाली लिये प्रेम की,
अधरों से कहते, स्पर्श करता तरंग,
जीवन के अनोखे रंग,
जीवन में घुलमिलते रंग,
सपनों की तरह,
उगते-बुझते, हंसते,
अपने आकार में बहते रंग,
हां,
ऐसे हैं जीवन के रंग।

-हरमिन्दर सिंह चाहल.

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