चॉकलेट वाला एलियन जिसे इशांत ने मार दिया

बच्चों की कहानियां इस दुनिया से बाहर की दुनिया में भी घटती हैं.

ब्रह्मांड की कहानियां अकसर हमें हैरान करती हैं। बचपन से ही बढ़े-बूढ़ों से ऐसे किस्से सुने और यकीनन मैं भी उस दौरान ग्रहों के बीच कहीं गुम हो जाता था। नन्हें इशांत ने कुछ समय पहले मुझे ऐसी ही एक कहानी सुनायी थी। उसने अपनी गोल-गोल आंखों को घुमाते हुए नयी दुनिया की रचना कर डाली। जब कोलगेट का नया पैक उसने देखा तो फिर एक नयी कहानी बुन दी। सबसे कमाल यह कि वह खुद मुख्य किरदार में है।

कहानी शुरु होती है पृथ्वी के खत्म होने के साथ!

नये प्लैनेट की तलाश में इशांत उड़ चला है। हर तरफ अंधेरा और धुंध छायी हुई है। अच्छी बात यह है कि हमारे हीरो का यान हर बाधा का मुकाबला करने के लिए तैयार है। उसकी मुस्कान और हौंसला दोनों कम नहीं हो रहे। तभी उसकी नजर एक ऐसे प्लैनेट पर पड़ती है जहां दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा।

चॉकलेट वाला एलियन जिसे इशांत ने मार दिया

इशांत का यान एक ऐसे वाहन में बदल जाता है जिसमें पहिये हैं। वह प्लैनेट की सैर पर निकल जाता है। वहां पहाडि़यां तो हैं, लेकिन पेड़ नहीं। धरती तो है, मगर घास नहीं। तभी एक हरे रंग का प्राणी तेजी से गुजरा।

‘अरे, यह तो एलियन है। रंग भी हरा है।’

उसे समझते देर नहीं लगी कि वह एलियन देश में आ गया है। उसे यह भी समझते देर नहीं लगी कि यहां की हरियाली कहां गयी।

‘सबकुछ एलियन खा गये।’ इशांत ने खुद से कहा। ‘तभी वे इतने हरे होते हैं।’

उसने सुना था कि एलियन एक ग्रह को खत्म कर दूसरे को कूच करते हैं। वहां भी ऐसा ही हुआ होगा। घंटों चक्कर लगाने के बाद उसे छोटे प्लैनेट पर केवल एक एलियन नजर आया था। शायद वह यहां सुरक्षा कर रहा होगा।

एलियन जिसे इशांत ने मार दिया

इशांत वाहन से अपने स्पेस सूट में सुरक्षित महसूस कर बाहर निकला। उसके हाथ में ऑटोमैटिक सोलर-गन थी जिसकी गोलियां कभी खत्म नहीं होतीं। उसकी बंदूक वायुमंडल से ऊर्जा लेती है।

एलियन अब उसके सामने खड़ा था। इशांत की आंखें रक्षात्मक मुद्रा में उसे देखकर हैरान थीं क्योंकि एलियन के हाथ में जो हथियार था वह किसी चाकलेट से बना था। इशांत जोर से हंसा और बोला,‘तुम चॉकलेट वाले एलियन हो क्या? तुम क्या मुझपर अटैक करोगे।’

इशांत ने तुरंत अपनी सोलर-गन से एक गोली छोड़ी। एलियन धुंए की तरह गायब हो गया। पहाडि़यों के पीछे से एक उड़नतश्तरी भी उड़ चली।

प्लैनेट पर इशांत ने एक रोकेट बनाया जिससे वह लंबी यात्रायें करने लगा। जल्द ही उसे एक ऐसा ग्रह मिल गया जहां इंसान थे।

कहानी खत्म!

मैंने उससे कहा,‘तो तुमने चॉकलेट वाले एलियन की छुट्टी कर दी।’

इशांत मासूमियत से बोला,‘कोलगेट रोज करता हूं।’

-हरमिंदर सिंह.

“I’m blogging my #ColgateMagicalstories at BlogAdda in association with Colgate.

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